हाईवे पर बरसाती पानी की निकासी के ठोस उपाय नहीं होने से डागर गांव के छह परिवारों को खतरा
बरसाती पानी के साथ खेतों में घुसा मलबा, लोग परेशान
नरेंद्ररगर (टिहरी)। ऋषिकेश-चंबा मोटर मार्ग पर बनी नौ करोड़ रुपये की बगरधार मंडी परिषद उद्घाटन से पहले ही खतरे की जद में आ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरसाती पानी की निकासी के ठोस उपाय नहीं होने से मंडी की सुरक्षा दीवार खोखली होने लगी है। साथ ही डागर गांव के लोगों के खेतों में मलबा भरने के साथ ही छह परिवारों को खतरा पैदा हो गया है।
बरसाती पानी बगरधार मंडी परिषद से होकर नीचे डागर गांव की तरफ बह रहा है। इससे नौ करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई मंडी की सुरक्षा दीवार की बुनियाद कमजोर हो रही है। मंडी के भवन को भी अब खतरा पैदा हो गया है। बरसाती पानी के कारण डागर गांव की कई नाली कृषि भूमि मलबे से दब गई है। ग्रामीणों की कई नाली खेती भी चौपट हो गई है। गांव के छह परिवारों के आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई विभागों के चक्कर काट चुके हैं। हालांकि, अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते कदम न उठाए तो बड़ा खतरा हो सकता है।
गांव के प्रमोद पुंडीर ने कहा कि वे वन मंत्री सहित कई विभागों के पास गए हैं लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। राजपाल, रमन सिंह और पवन कुमार ने बताया कि उनके मकान को खतरा बना हुआ है।
एसडीएम आशीष चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरसाती पानी से बने खतरे की जांच कुछ दिनों पहले कराई गई थी। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट में इस प्रकरण को गंभीरता से लेने की सिफारिश की गई है। शासन स्तर से लिए गए निर्णय के अनुरूप ही आगे कार्य किया जाएगा।