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सड़क निर्माण में वन अधिनियम बना बाधा

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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के गाफर, कांडासारी और पलेथ गांव में निवासरत लोगों को फिलहाल पैदल दूरी तय करने से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इन गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए पूर्व में हुए सर्वे में वन अधिनियम का पेंच फंस गया है। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण अपनी नाप भूमि देने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में सड़क निर्माण करने की राह आसान नहीं है। लोनिवि अब दोबारा से गाफर-पलेथ सड़क के लिए सर्वे शुरू करेगा।
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इस साल जनवरी में गाफर, कांडासारी और पलेथ गांव को सड़क निर्माण की सौगात मिली थी। गाफर-कांडासारी-पलेथ तक सात किमी सड़क निर्माण के लिए 88 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई थी। कार्यदायी संस्था लोनिवि चंबा ने तीनों गांवों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए जहां से सड़क निर्माण करने का सर्वे किया था। उस क्षेत्र में पेड़ अधिक होने के कारण वन विभाग से सड़क निर्माण के लिए एनओसी नहीं मिल पाई है। गांव के लोग भी सड़क निर्माण के लिए अपनी नाप भूमि देने को तैयार नहीं है।
पलेथ के प्रधान हरीश रतूड़ी और क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह बुढाण का कहना है कि ग्रामीणों के पास सीमित संख्या में खेत हैं। यदि सड़क निर्माण में नाप भूमि कट जाती है, तो काश्तकारों के पास खेती योग्य भूमि नहीं रह जाएगी। लोनिवि को सड़क निर्माण के लिए जल्द दोबारा सर्वे कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए। सड़क निर्माण न होने तक तीनों गांवों में निवासरत 45 परिवारों को तीन से पांच किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ेगी। लोनिवि चंबा के अपर सहायक अभियंता अनिल गौड़ का कहना है कि वन अधिनियम के कारण सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। गांव के लोग भी नाप भूमि देने को तैयार नहीं है। दोबारा सड़क का सर्वे किया जाएगा।
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