मौसम की पहली बारिश से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। दोपहर बाद हुई बारिश फसलों के लिए भी वरदान साबित होगी। काश्तकार अब गेहूं की बुआई कर सकेंगे। कृषि वैज्ञानिकों ने भी किसानों को जल्द खेतों की जुताई करने की सलाह दी है।
बृहस्पतिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाने शुरू हो गए थे, जिससे बारिश की संभावना जताई जा रही थी। दोपहर बाद किसानों की मुरीद पूरी हो गई। मौसम की यह पहली बारिश जिले के घनसाली, प्रतापनगर, लंबगांव, नई टिहरी, धनोल्टी सहित सभी हिस्सों में हुई है, जिससे मौसम का पारा भी लुढ़क गया। हिल स्टेशन के नाम से मशहूर धनौल्टी और नई टिहरी में ठंड काफी बढ़ गई। हल्की बारिश ने किसानों को भी काफी राहत दी है। वह लंबे समय से गेहूं की बुआई करने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे। काश्तकार राजेश सेमवाल और विपिन ने कहा कि बारिश नहीं होने के कारण गेहूं की बुआई नहीं हो रही थी। अब किसान अपनी खेतीबाड़ी का काम शुरू कर सकेंगे। देर शाम तक बारिश रहने से मौसम का पारा काफी गिर गया। बुधवार को जहां नई टिहरी का अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को बारिश होने के बाद तापमान गिर कर 13.8 डिग्री पर पहुंच गया। रानीचौरी परिसर मौसम विज्ञान के प्रकाश नेगी ने बताया कि यह बारिश गेहूं, मसूर, जौ की खेती के लिए लाभदायक होगी। किसानों को तुरंत खेतों की जुताई कर बीजों की बुआई शुरू करनी चाहिए।
श्रीनगर। बृहस्पतिवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद क्षेत्र में हल्की बारिश होने से तापमान 10 डिग्री गिर गया, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। लोगों ने बारिश होने के बाद गर्म कपड़े निकाल लिए। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 28.2 फीसदी था। जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 16.2 फीसदा रहा।