टीएचडीसी हाइड्रो पॉवर इंजीनियरिंग कॉलेज (टीएचडीसी आईएचईटी) भागीरथीपुरम को आईआईटी रुड़की का हिल कैंपस बनाने की कवायद तेजी से आगे बढ़ रही है। हिल कैंपस बनाने की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति ने निर्णय लिया है कि हिल कैंपस में आईआईटी रुड़की पीएचडी और एमटेक के कोर्स भी संचालित करेगी
बीते 7 सितंबर को तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज टिहरी को आईआईटी रुड़की के हिल कैंपस बनाने के संबंध में बैठक हुई थी। इसमें एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। जिसमें आईआईटी रुड़की, टीएचडीसी आईएचईटी टिहरी, टीएचडीसी इंडिया और राज्य सरकार, उद्योग निदेशालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति बेस लाइन अध्ययन कर रिपोर्ट बनाएगी। उक्त बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रिसर्च कैंपस में आईआईटी रुड़की पीएचडी और एमटेक के कोर्स भी संचालित करेगी।
भविष्य का रोडमैप बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार का तकनीकी शिक्षा विभाग, टीएचडीसी आईएचईटी के निदेशक और टीएचडीसी इंडिया के सीएमडी की कमेटी बनाई जाएगी। वर्तमान में संस्थान में संचालित बैचलर्स पाठ्यक्रम यथावत संचालित होते रहेंगे। वहीं शिक्षण और शिक्षणेत्तर कार्मिक भी अपनी सेवाएं देते रहेंगे। आईआईटी रुड़की समय-समय पर मार्गदर्शन देगा।
संस्थान के निदेशक डॉ. शरद कुमार प्रधान ने कहा कि जल्द ही मुख्य समिति गठित कर बेस लाइन अध्ययन शुरू किया जाएगा। कॉलेज के विकास में यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय का कहना है कि हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईटी रुड़की का हिल कैंपस बनाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्य समिति का गठन करना प्रमुख निर्णय है। पीएचडी और एमटेक के पाठ्यक्रम शुरू होने से कॉलेज के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को लाभ होगा।