सुविधाओं के अभाव में मसूरी और देहरादून का रुख करने को मजबूर हैं क्षेत्र के लोग
नैनबाग (टिहरी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग परवान नहीं चढ़ पा रही है। 80 के दशक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो गया था, जो पहले किराये के कमरों में संचालित होता था। 1990 में अस्पताल का अपना भवन बना। करीब 40 वर्षों से अधिक समय बीतने के बाद भी पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बना है।
क्षेत्र के लोग लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने और उच्चीकरण की मांग करते आ रहे हैं लेकिन शासनस्तर पर उच्चीकरण की मांग फाइलों में ही रेंग रही है। नैनबाग पीएचसी पर जौनपुर, जौनसार, उत्तरकाशी जिले गोडर पट्टी के लोग निर्भर है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को मसूरी, विकासनगर और देहरादून का रुख करना पड़ रहा है। सड़क दुर्घटना होने के दौरान होती है। सुविधाओं के अभाव में डॉक्टर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने को मजबूर हो जाते है।
प्रदीप कवि, प्रधान संगठन अध्यक्ष जौनपुर
नैनबाग क्षेत्र के लोग कई वर्षों से अस्पताल में समुचित स्वास्थ्य सुविधा के साथ पीएचसी के उच्चीकरण की मांग करते आ रहे हैं। पीएचसी की स्वास्थ्य सुविधाओं में न तो सुधार हुआ और उसका उच्चीकरण हो पाया।
-गंभीर सिंह रावत, पूर्व प्रधान नैनबाग
पूर्व सीएम से लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ धन सिंह रावत तक नैनबाग पीएचसी के उच्चीकरण की घोषणा कर चुके हैं। उच्चीकरण के मामले में अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई होती नहीं दिखाई दे रही है।
शरण सिंह पंवार, निवासी नैनबाग
नैनबाग पीएचसी का उच्चीकरण का प्रस्ताव पूर्व में शासन को भेजा जा चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए उस क्षेत्र में जनसंख्या का मानक कम होने से शासन से कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी, जो शासन को उपलब्ध करा दी गई है।
डॉ़ श्याम विजय सिंह, सीएमओ टिहरी।