टिहरी के घियाकोटी में विद्युत विभाग नैनकोट के पावर स्टेशन कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्टेशन कर्मियों ने फाल्ट वाली लाइन की बिजली काटने की बजाए किसी दूसरी लाइन की बिजली काट दी। इससे बेखबर ठेका कांट्रेक्ट कर्मचारी सुनील सिंह फाल्ट ठीक करने के लिए पोल पर तो चढ़ा लेकिन करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
इस दौरान 108 मुलाजिमों की दूसरी लापरवाही सामने आई। आपातकालीन सेवा होने के बावजूद एंबुलेंस खराब बताई गई, जिसके चलते एंबुलेंस मंसूरी से मंगवाई गई। आनन-फानन में घायल हो अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजन शव को उठाकर ऊर्जा निगम के दफ्तर पहुंचे, और शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांग की कि मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिया जाए व लापरवाह स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। शुक्रवार को घियाकोटी- इडवालस्यूं की विद्युत लाइन खराब होने की सूचना दफ्तर में आई थी। गांव पाब कोटी सिलवाड़ निवासी सुनील सिंह निगम ठेकेदार के साथ घीया कोटी लाइन की मरम्मत करने चला गया।
लाइन को ठीक करने के लिए वह बिजली के खंभे पर चढ़ गया। लाइन ठीक करने से पहले उन्होंने शेड डाउन भी मांग लिया था, लेकिन पावर स्टेशन में कार्यरत कर्मचारी ने दूसरी जगह की बिजली काट दी। इससे बेखबर सुनील सिंह लाइन की मरम्मत करने के लिए पोल पर चढ़ गया। लाइन को छूते ही वह करंट की चपेट में आ गया और जमीन पर गिर गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट आई।
ग्रामीणों ने 108 से संपर्क किया लेकिन गाड़ी खराब होने से सेवा मसूरी से मंगाई गई, लेकिन देर होने पर ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल को अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लापरवाही पर ग्रामीणों ने कड़ा रोष जताते हुए दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने और उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर शव के साथ पावर स्टेशन में बैठ गए। देर सायं तक ग्रामीण ऊर्जा निगम के अधिकारियों के इंतजार में पावर स्टेशन पर ही डटे रहे। घर का अकेला सुनील अपने पीछे पत्नी गुडडी देवी, एक बेटी प्रिया, प्रियांषु और दिव्यांशु को छोड़ गए। देर सायं खबर भेजे जाने तक ग्रामीण शव को लेकर पावर स्टेशन पर ही डटे रहे।
करंट लगने की सूचना मिली :
ठेका कर्मचारी को करंट लगने की सूचना मिली है लेकिन लिखित में कुछ नहीं आया है। एसडीओ को मौके पर भेजा गया है। जिस कर्मचारी की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निगम की ओर से जो मुआवजा तय होगा वह दिया जाएगा।
दीपक पाल आर्य, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम नई टिहरी।