1000 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की है पीएसपी
नई टिहरी। देश की पहली और बड़ी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना नए साल में देश को समर्पित करने का कार्य प्रगति पर है। एक हजार मेगावाट की यह जल विद्युत परियोजना देश की ऊर्जा जरूरतें पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। पीएसपी की 250 मेगावाट की पहली यूनिट की सफल टेस्टिंग के बाद दूसरी यूनिट को मार्च तक तैयार करने पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही अन्य दो यूनिट स्थापित करने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। पीएसपी से नए साल में एक हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन शुरू करने के साथ ही टीएचडीसी इंडिया टिहरी बांध परियोजना से 2400 मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लेगी।
सात हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही तीसरे फेज की पीएसपी का निर्माण कार्य अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है। देश की बड़ी परियोजनाओं में शामिल पीएसपी का कार्य 80 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। टीएचडीसी इंडिया ने 250 मेगावाट की मशीन स्थापित कर उससे विद्युत उत्पादन धीरे-धीरे 185 मेगावाट तक ले गई है। इस टरबाइन से जल्द ही 250 मेगावाट उत्पादन शुरू हो जाएगा।
दूसरी यूनिट से भी मार्च 2025 तक उत्पादन शुरू करने की प्लानिंग पर काम किया जा रहा है। इसी तरह 250-250 मेगावाट की दो अन्य मशीनें स्थापित कर जुलाई 2025 तक चारों टरबाइनों से 1000 मेगावाट विद्युत उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। पीएसपी पूरी तरह से रनिंग में आने के साथ ही टीएचडीसी टिहरी बांध परियोजना से 2400 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता का लक्ष्य पूरा कर देगी।
टिहरी बांध परियोजना से अभी तक एक हजार मेगावाट और कोटेश्वर बांध से 400 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। वर्ष 2011 में अवार्ड हुई देश की इस बड़ी पीएसपी परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी के साथ टीएचडीसी इस प्रोजेक्ट का कार्य जल्द पूरा करने में जुटी है, जिससे उम्मीद है कि नए साल में यह बड़ी परियोजना देश को समर्पित कर दी जाएगी।
पीएसपी की पहली 250 मेगावाट की मशीन टेस्टिंग पीरियड में है। दूसरी मशीन भी अगले वर्ष मार्च तक रनिंग में आ जाएगी। अन्य दो यूनिट स्थापित करने का काम जुलाई 2025 तक पूरा कर विद्युत उत्पादन शुरू दिया जाएगा।
- एलपी जोशी, अधिशासी निदेशक टिहरी बांध परियोजना।