राज्य महिला आयोग की ओर से बहुउद्देशीय भवन में लोक अदालत आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयोग की उपाध्यक्ष प्रभावती गौड़ ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना है, जिससे उनका पारिवारिक जीवन सुखमय हो सके। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की समस्याएं गंभीरता से ली जाएगी। लोक अदालत में 17 शिकायतें दर्ज कराई गई।
सोमवार को आयोजित लोक अदालत में महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए पुलिस 1090 टोल फ्री नंबर हर जिले में स्थापित किया है। पीड़िता इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कर मदद मांग सकती है। पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं करती है, तो महिला आयोग इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश जारी कर सकती है।
लोक अदालत में 17 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें अधिकांश घरेलू हिंसा और विधवा पेंशन के मामले थे। पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए न्यायालय से उन्हें निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी से कहा कि महिलाओं के पेंशन संबंधी प्रकरणों का जल्द निस्तारण करें।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में 14 हजार 158 विधवा, 122 परित्यकता पेंशन के लाभार्थी हैं। सामान्य वर्ग के 2058 और अनुसूचित जाति/जनजाति के 358 बालिकाओं को गौरा देवी कन्या धन योजना से लाभान्वित किया गया है।
इस मौके पर महिला आयोग की उपाध्यक्ष बीना सजवाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शांति भट्ट, राड्स के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा, राकेश राणा, ब्लॉक प्रमुख आनंदी नेगी, दर्शनी रावत, बेबी असवाल आदि मौजूद थे।