दो साल से टूटी नहरों की नहीं हो पाई है मरम्मत, किसान हो रहे हैं परेशान
नई टिहरी। मरम्मत के अभाव में भिलंगना ब्लॉक की बड़कोट-रगस्या-बूढ़ाकेदार, निवाल गांव दांयी नहर, लोह नहर बूढ़ाकेदार दम तोड़ रही है। आपदा से नहरें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। काश्तकारों को सिंचाई के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। नहरों की मरम्मत नहीं होने से लगभग 500 परिवारों को अब खेत बंजर होने की चिंता सता रही है।
वर्ष 2024 और 25 में अगस्त, सितंबर में बारिश के दौरान भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र की सिंचाई नहरों को भारी नुकसान पहुंचा था। नहरों के ऊपर मलबा गिरने और भूस्खलन होने से नहरें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले दो साल से बड़कोट-रगस्या-बूढ़ाकेदार, निवाल गांव दांयी नहर, लोह नहर बूढ़ाकेदार नहर पर एक बार भी मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है।
नहरों से रगस्या, भोदी, निवाल गांव, थाती गांव के काश्तकार खेतों में सिंचाई करते हैं। काश्तकार राजपाल सिंह पंवार, कुशाल सिंह नेगी, सतीश रतूड़ी व निवाल गांव के पूर्व प्रधान अखिलेश ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक, तहसील दिवस और बीडीसी बैठकों कई बार नहरों की मरम्मत न होने की शिकायत दर्ज की गई लेकिन विभाग की ओर से मरम्मत करने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। नहरों से लगभग 500 परिवार खेतों की सिंचाई करते है। यदि जल्द नहरों की मरम्मत नहीं की जाती है तो खेत बंजर हो सकते है।
आपदा से क्षतिग्रस्त भिलंगना ब्लॉक की सिंचाई नहरों की मरम्मत के लिए दो बार आपदा मद में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया लेकिन धनराशि की स्वीकृति नहीं मिल पाई। नहरों की मरम्मत करने के लिए अब नाबार्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है।
-अनूप कुमार डियूंडी, ईई, सिंचाई विभाग टिहरी