कंडीसौड़(टिहरी)। चारधाम यात्रा को देखते हुए प्रशासन की ओर से ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर बने डेंजर जोन का ट्रीटमेंट करने, सड़क पर पसरा मलबा हटाने और अन्य सभी सुरक्षात्मक कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि धरातल पर सच्चाई इसके उलट नजर आ रही है। बीआरओ और एनएच पर कार्य कर रही कंपनी तीन दिन में ही जिला प्रशासन के आदेश को भूल गई है। परिणाम स्वरूप एनएच- 34 के 114वें किमी पर पहाड़ी से गिरे मलबे को हटाने के लिए बीआरो की टीम नदारद नजर आई। गैरजिम्मेदारी का आलम यह रहा के 18 घंटे बाद भी बीआरओ की ओर से मलबा नहीं हटाया गया जिससे वाहनों को जोखिम उठाकर डंपिंग जोन से गुजरना पड़ा।
कलेक्ट्रेट में 18 मार्च को एडीएम अवधेश कुमार सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े बीआरओ और एनएच पर कार्य कर रही कंपनी अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों को चारधाम यात्रा को देखते हुए एनएच से मलबा हटाकर सभी सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दूसरे दिन ही ही शुक्रवार को हुई बारिश से रात सात-आठ बजे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 34 के 114वें किमी पर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ गिरा जिससे यातायात प्रभावित हो गया। हालांकि बीआरओ और संबंधित कंपनी 18 घंटे बाद भी एनएच से मलबा हटाने नहीं पहुंच पाई। ऐसे में प्रशासन के साथ हुई बैठक महज खानापूर्ति साबित हो रही है। ट्रक चालक प्रदीप लाल और राजेश कुमार ने बताया कि एनएच पर मलबा आने के काफी देर बाद भी जब कोई मलबा हटाने नहीं पहुंचा तो उन्होंने जोखिम उठाकर डंप किए गए मलबे से वाहन निकालने को मजबूर होना पड़ा। उसके बाद से सभी वाहन डंप किए गए मलबे से ही निकलने लगे। इस बावत एडीएम अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि एनएच पर कहीं भी मलबा गिरने से रोड बाधित होती है तो शीघ्र यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईवे से बीआरओ के अभियंता से बात कर जल्द मलबा हटवा दिया जाएगा।