जिला अस्पताल बौराड़ी में तैनात एक स्टाफ नर्स का शव होटल के कमरे में संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। स्टाफ नर्स की मौत कैसे हुई इसका पता नहीं चल पाया है। शरीर पर चोट के निशान भी नहीं हैं और कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने कमरे से नींद का एक इंजेक्शन बरामद किया है। मृतका के परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हिमालय अस्पताल जौलीग्रांट की ओर से पीपीपी मोड पर संचालित जिला अस्पताल बौराड़ी में कार्यरत स्टाफ नर्स प्रियंका पंवार (28) पुत्री सतेंद्र सिंह पंवार निवासी पिपली गांव हाल निवासी बीपुरम का शव शनिवार सुबह एक होटल के कमरे में संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। होटल संचालक ने सुबह 6 बजे स्टाफ नर्स के परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा खुला मिला। युवती को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।
मृतका के पिता सतेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम को प्रियंका ने अपनी मां रजनी पंवार से मोबाइल पर बात की थी, लेकिन उसने कोई भी परेशानी नहीं बताई। जिस होटल में प्रियंका रह रही थी उसका अनुबंध अस्पताल के साथ खत्म हो गया था। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने प्रियंका को वहां अकेले क्यों ठहराया। वह होटल में अकेले रह रही है इसकी सूचना उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने मौत की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
होटल का अनुबंध 12 जुलाई को खत्म हो गया था। अस्पताल के सभी कर्मचारी दूसरे होटल में शिफ्ट हो गए थे। प्रियंका वहां क्यों रह रही थी इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। - डा. एके सिन्हा, एमएस, हिमालयन अस्पताल।
स्टाफ नर्स की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। कमरे से नींद का एक इंजेक्शन बरामद हुआ है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। - चंदन सिंह चौहान, कोतवाली निरीक्षक नई टिहरी।