पांच वर्षों से छात्र जर्जर विद्यालय भवन के नीचे पढ़ने को थे मजबूर
नई टिहरी। जखोली गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब नया विद्यालय भवन मिलने की उम्मीद जगी है। विद्यालय भवन गत पांच वर्षों से जर्जर स्थिति में था। अन्य जगह व्यवस्था न होने के कारण छात्र खस्ताहाल विद्यालय भवन में पढ़ाई करने को मजबूर थे।
नरेंद्रनगर विधानसभा के अंतर्गत जखोली गांव के प्राथमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था। मरम्मत के अभाव में धीरे-धीरे विद्यालय की स्थिति खराब होने लगी। भवन की छत खराब होने से बरसात में कमरों में पानी टपकने से छात्रों को पढ़ाई में परेशानी उठानी पड़ती थी। कमरों में पानी टपकने के कारण छात्राओं को भवन के बरामदे में बिठा पढ़ाई करनी पड़ती थी।
अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन समिति लगातार विद्यालय भवन की मरम्मत और नव निर्माण की मांग करते आ रहे थे। बजट के अभाव में विद्यालय की मरम्मत और नव निर्माण कार्य नहीं हो पाया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र बिजल्वाण ने बताया कि विद्यालय में आंगनबाड़ी भी संचालित होती है।
बताया कि विद्यालय की छत जर्जर होने, दीवारों पर दरारें, खिड़की, रोशनदान पर लगे दरवाजे पूरी तरह से खराब हो चुके थे। लोक सभा चुनाव में प्रशासन ने विद्यालय से पोलिंग बूथ को हटाकर ग्राम पंचायत भवन को पोलिंग बूथ बनाया था लेकिन विद्यालय वहीं संचालित होता रहा। बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण शासन-प्रशासन से विद्यालय भवन के नव निर्माण की मांग करते आ रहे थे। विद्यालय में वर्तमान समय में गांव के लगभग 26 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है।
शिक्षा विभाग की स्वीकृति के बाद विद्यालय भवन को ध्वस्त किया जाएगा। करीब 25 लाख की लागत से जखोली गांव के प्राथमिक विद्यालय भवन का नव निर्माण किया जाना है। पांच से छह माह के भीतर भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
- मनोज कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग टिहरी।