अस्थायी कर्मियों के भरोसे चल रहा श्रीदेव सुमन विवि स्थायी नियुक्तियों के द्वार नहीं खोल पा रहा है। तृतीय श्रेणी के आठ पदों पर सीधी भर्ती के लिए सालभर पहले विवि प्रशासन ने आवेदन मांगे थे। सैकड़ों अभ्यर्थियों के आवेदन जमा होने के बाद विवि प्रशासन नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाना भूल गया। रोजगार की आस पाले बेरोजगार युवाओं पर विवि प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ रही है। अभ्यर्थी सालभर से विवि की ओर टकटकी लगाए हुए है कि सीधी भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए विवि उन्हें कॉल लेटर भेजेगा। नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने पर अभ्यर्थियों ने कड़ा रोष जताते हुए विवि प्रशासन से आवेदन शुल्क लौटाने की मांग की है।
विवि से संबद्ध 167 निजी और 52 राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर डिग्री, प्रोविजन डिग्री, माइग्रेशन प्रमाणपत्र, अंकतालिका जारी न होने के लिए विवि प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों का अभाव होने की दुहाई देकर अपनी नाकामियों का ठिकरा शासन के सिर पर फोड़ देते हैं, लेकिन विवि की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद बनाने में खुद ही विवि के अधिकारी भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
चार सितंबर 2019 को विवि की ओर से निजी सहायक, सहायक लेखाकार, स्टोर कीपर और कनिष्ठ सहायक के आठ पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। अंतिम तिथि 25 सितंबर 2019 तक उक्त पदों के लिए विवि में लगभग 2700 अभ्यर्थियों के आवेदन जमा हो चुके थे, लेकिन सालभर बाद भी विवि पदों पर नियुक्ति नहीं कर पाया। आवेदक रजनीश पंत, गिरीश कुमाईं, राजेंद्र शाह ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने पर रोष जताया।