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बीस करोड़ खर्च, फिर भी लोग प्यासे

Mon, 23 Jan 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
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जिला मुख्यालय से सटी सारज्यूला पट्टी के लिए निर्माणाधीन पंपिंग योजना का कार्य 10 साल बाद भी पूरा नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। पंपिंग योजना निर्माण के नाम पर 20 करोड़ खर्च हो चुके हैं। बावजूद केवल 10 गांव में ही पेयजल आपूर्ति हो पाई है।
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25 गांवों को आज भी पेयजल की दरकार है, लेकिन वितरण लाइन समेत अन्य अधूरे कार्यों को पूर्ण करने को भेजे गए चार करोड़ 99 लाख के पुनर्निरीक्षत इस्टीमेट की धनराशि नहीं मिलने से अवशेष निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।

पेयजल संकट से जूझे रहे सारज्यूला क्षेत्र के करीब 35 गांवों के लिए वर्ष 2005 में सरकार ने सारज्यूला ग्राम समूह पंपिंग योजना को स्वीकृति दी थी। इसके लिए 20 करोड़ 12 लाख का बजट निर्धारित कर वर्ष 2011 में योजना का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था को समय पर बजट नहीं मिलने से योजना पूर्ण नहीं हो पाई।
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वर्तमान में स्वीकृत धनराशि के खर्च होने के बाद केवल 10 गांव में पेयजल आपूर्ति, फिलटेशन प्लांट, राइजिंग लाइन, जलाशय का 80 फीसदी निर्माण, वितरण लाइन का 30 फीसदी कार्य ही पूर्ण हो पाया है। जिसके चलते अभी भी 25 से अधिक राजस्व गांव आज भी पानी को तरस रहे हैं।

निर्माण सामग्री की दरों से लेकर श्रमिकों की मजदूरी बढ़ने के कारण योजना का पेयजल निगम ने चार करोड़ 99 लाख का रिवाइज इस्टीमेट शासन को भेजा था। लेकिन अभी तक बढ़ी हुई धनराशि विभाग को नहीं मिल पाई। जिससे निर्माण कार्य अधर में लटका है।

समय पर बजट नहीं मिलने से समय पर कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। अवशेष कार्य को पूर्ण करने के लिए चार करोड़ 99 लाख 60 हजार के पुनर्निरीक्षत इस्टीमेट की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।      
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-भीम निराला, अपर सहायक अभियंता, जल निगम नई टिहरी।
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