टिहरी बांध से प्रभावित घनसाली विधानसभा की विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद के अध्यक्ष भीमलाल आर्य ने टीएचडीसी एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आरएल 835 के ऊपर बसे असेना, देवरी, पिलखी, पडागली, घोंटी, बौंर, पिपोला और कौडिया के प्रभावित परिवारों के लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान किया जाए।
जिला सभागार में हुई बैठक में आर्य ने भूधंसाव की जद में आए गांव के भू-गर्भीय सर्वे के लिए फिर से जीएसआई की टीम बुलाई जाए। प्रभावित गांव के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को टिहरी बांध परियोजना एवं सहयोगी कंपनियों में रोजगार, गडोलिया-घनसाली मोटर मार्ग का सुधारीकरण, पिलखी मंदिर का पुनर्वास, सेवा-टीएचडीसी के सामाजिक दायित्व से शिक्षण संस्थाओं को फर्नीचर, नगर पंचायत घनसाली, चमियाला को कूड़ा वाहन, टिहरी डैम के ऊपर बीमार व्यक्तियों के वाहनों को देर रात लाने से न रोका जाए।
जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई ने कहा कि टीएचडीसी कॉलेट्रोल डैमेज पॉलसी के तहत छूटी परिसंपत्तियों के प्रतिकर भुगतान के लिए पुनर्वास निदेशालय की मांग के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराएं, शमशान घाटों का निर्माण करने के निर्देश दिए।
पुनर्वास के अधीक्षण अभियंता आरआर भट्ट ने कहा कि टिहरी बांध से प्रभावित 415 परिवारों के लिए भूमि की व्यवस्था की जानी हैं। टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक पीपीएस मान ने कहा कि पुनर्वास विभाग को पूर्व में जारी धनराशि का उपयोग प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही नए कार्यों के लिए धन आवंटन किया जाएगा। इस मौके पर पुनर्वास के अधिशासी अभियंता डीके सिंह, टीएचडीसी के एजीएम पीएसपी केपी सिंह, एके शर्मा, वीके गुप्ता, अमरदीप, गणेश भट्ट, राकेश कुमार खली, अशोक राठौर आदि मौजूद थे।