कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी कर्मी का काम भी खुद करने को मजबूर
नई टिहरी। श्रीदेव सुमन राजकीय जिला पुस्तकालय नवंबर-2022 से व्यवस्था के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। पुस्तकालय में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नहीं होने के कारण वहां तैनात कर्मचारियों को सभी कार्य स्वयं ही करने पड़ रहे हैं। इससे नाराज कर्मचारी जल्द ही अपने मूल स्थान लौटना चाहते हैं लेकिन विभागीय अधिकारियों के आदेश के कारण वह व्यवस्था संभाले हुए हैं।
बौराड़ी घंटाघर के पास स्थित जिला पुस्तकालय में नवंबर-2022 से पुस्तकालय का एक भी नियमित कर्मचारी नहीं है। शिक्षा विभाग ने दो शिक्षिकाओं एक शिक्षणेत्तर कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी है। आरटीआई कार्यकर्ता व इतिहासकार महीपाल सिंह नेगी द्वारा सूचना के अधिकार में मांगी गई जानकारी मिलने के बाद अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में जिला पुस्तकालय में सात हजार किताबें चट कर गई दीमक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
पता चला है कि पुस्तकालय में नवंबर 2023 से एक भी स्थायी कर्मचारी नहीं है। लाखों रुपये खर्च कर सालभर पहले जिला पुस्तकालय की मरम्मत कर वाईफाई सुविधा से लैस कर हाइटेक बनाया गया लेकिन वहां पहले से रखी कई ऐतिहासिक महत्व की किताबें और पांडुलिपियां रद्दी के ढेर की तरह रखी गई हैं।
स्थिति यह है कि पुस्तकालय में सात हजार किताबों को दीमक चट करने के कारण निष्प्रयोज्य हो गई हैं जबकि 17 हजार से अधिक किताबें स्टेडियम के पास ही युवा कल्याण विभाग के डोरमैट्री में रखी गई है। रियासतकालीन गजट की पुस्तकें और पांडुलिपियां पुस्तकालय के आवासीय परिसर के एक कमरे में बंद की गई है। पुस्तकालय में शिक्षिका सरिता व्यास और लिपिक सुभद्रा नेेगी को व्यवस्था पर रखा गया है जबकि शिक्षिका निधि उनियाल सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी दे रही है। इतिहासकार नेगी ने कहा कि विभाग को वहां नियमित कर्मचारी तैनात करने चाहिए जिससे ऐतिहासिक महत्व की पुस्तकों और पांडुलिपियों का सही से संरक्षण किया जा सके।
पुस्तकालय में जल्द ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात किया जाएगा। नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
- वीपी सिंह, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी टिहरी।