हजारों भेड़-बकरियों की जान को हो सकता है खतरा
ऊपरीकोट में मेले से पहले सोलर पैनल का शेड और मोटे तार बने मुसीबत
उत्तरकाशी। वरुणाघाटी के ऊपरीकोट गांव में सदियों पुराने समेश्वर देवता के पौराणिक मेले भैरू कु तमाशा से पहले समस्या खड़ी हो गई है। मंदिर तक पहुंचने वाले हजारों भेड़-बकरियों के पारंपरिक रास्ते में बीएसएनएल टावर के पास लगाए गए शेड और मोटे तार बाधा बन गए हैं। तेज रफ्तार से पहाड़ी ढलान से नीचे आने वाले पशुओं के लिए यह स्थिति बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
छह व सात सितंबर को होने वाले मेले में हजारों श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां भी शामिल होंगी। पारंपरिक आयोजन के तहत सैकड़ों भेड़-बकरियां मंदिर के ऊपर पहाड़ी ढलान से दौड़ते हुए मंदिर तक पहुंचते हैं लेकिन इसी मार्ग पर बीएसएनएल टावर के समीप बनाया गया सोलर पैनल के शेड और तारों ने रास्ता बाधित कर दिया है।
ग्राम प्रधान ऊपरीकोट सुमन चौहान ने कहा कि यह केवल रास्ता बाधित होने का मामला नहीं बल्कि मेले की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। मेले से पहले अवरोध नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। वरुणाघाटी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिशन सिंह राणा ने कहा कि समिति पहले भी विभागीय अधिकारियों से अवरोध हटाने का अनुरोध कर चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। समिति की ओर से उप मंडलीय अभियंता, दूरसंचार विभाग को ज्ञापन सौंपकर छह सितंबर से पहले मौके का निरीक्षण कर बीएसएनएल टावर के आसपास से सभी अवरोध हटाने की मांग की गई है।