भिलंगना ब्लॉक में आपदा प्रभावित 20 गांवों में से अभी तक चार गांवों में ही आपदा से क्षतिग्रस्त कार्यों का पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। अन्य प्रभावित 16 गांवों में अभी तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं करने पर एसडीएम ने बीडीओ का जवाब-तलब किया है।
भिलंगना ब्लॉक में 28 जून को बादल फटने से बालगंगा घाटी के कई गांवों में ग्रामीणों के आवासीय भवन और खेत, पैदल रास्ते, सिंचाई नहरें, पेयजल लाइनें और विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। सरकार ने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत मनरेगा योजना से कराने की घोषणा कराते हुए क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन कर 4.13 करोड़ का आगणन तैयार किया था, जिसके सापेक्ष 87 योजनाओं का मरम्मत कार्य मनरेगा से कराने की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी जा चुकी है। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी ब्लॉक कार्यालय सरुणा, गनगर, सिल्यारा, सेंदुल में ही मनरेगा से मरम्मत कार्य शुरू कर पाया है।
अन्य सबसे अधिक प्रभावित कोठियाड़ा गांव सहित 16 गांवों में मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है। कार्य शुरू नहीं करने के बाबत प्रधानगणों का कहना है कि सामग्री के लिए पैसा नहीं होने के कारण कार्य शुरू करना संभव नहीं है। एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि अभी तक 20 में से चार गांवों में ही मरम्मत कार्य शुरू करने पर बीडीओ से जवाब-तलब किया गया है। बीडीओ बीपी रिगोड़ी का कहना है कि सामग्री के लिए धन नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं। प्रधान बगैर सामग्री के कार्य नहीं कर रहे हैं।