घनसाली (टिहरी)। आपदा के चार माह बाद भी भिलंग पट्टी के कंडार गांव में क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों और पेयजल योजना का मरम्मत नहीं होने पर ग्रामीणों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पेयजल आपूर्ति करने के लिए बिछाए गए प्लास्टिक के पाइपों को जल्द बदलने की मांग की है।
बीते अगस्त की आपदा में कंडार गांव की पेयजल योजना, पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए थे। सात घराें में मलबा घुसने से उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से दूसरे घरों में शिफ्ट किया गया था। आपदा के कारण ग्रामीणों की परिसंपत्तियों के साथ कनगढ़ पेयजल योजना भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल संस्थान घनसाली ने वैकल्पिक तौर पर प्लास्टिक के पाइप बिछा कर कुछ ही दिनों में पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी थी, लेकिन अब ठंड बढ़ने के साथ पाला गिरने से पाइप चटकने लग गए हैं। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने लगी है।
निवर्तमान ग्राम प्रधान सोबती देवी ने बताया कि गांव के रास्तों की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को पैदल रास्तों से आवागमन करने में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। प्लास्टिक पाइपों के खराब होने से गांव में पानी की आपूर्ति कम हो रही है। उन्होंने जल्द ही रास्तों की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने की मांग की है। तहसीलदार हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि कंडार गांव के आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करने की कार्रवाई गतिमान है। आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों का जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने लिए जल संस्थान के अधिकारियों को आज सोमवार को मौके पर भेजा जाएगा।