भिलंगना ब्लॉक में एक दशक पहले स्वीकृत दर्जनभर सड़कों का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है, जिससे लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के दावे कर रही है, लेकिन वर्षों पूर्व स्वीकृत एक दर्जन से अधिक मोटर मार्गों का निर्माण कार्य लटका हुआ है। स्वीकृति मिलने पर लोनिवि ने कुछ सड़कों पर कार्य शुरू भी किया, लेकिन 10-12 सालों से सड़कें अधर में लटकी हुई हैं। क्षेत्र के सुंदर सिंह, शूरवीर लाल, धनी लाल, शक्ति लाल, प्रेम लाल और नरेंद्र डंगवाल ने कहा कि वर्षोँ से अधर में लटकी सड़कों का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग कई बार बीडीसी बैठक में भी उठाई गई है, बावजूद लोनिवि लापरवाह बना हुआ है।
ये सड़कें लटकी है अधर में
जखन्याली-सेमल्थ, मुयालगांव-गौरिया, ठेला-गंडराखाल, गडमाणा-द्वारी, धमातौली-चांजी, जगदीगाड़-कठूड़, मतकुंडी-पंगरियाणा, मैगाधार-जमोलना, मैगाधार-कोट, डखवाणगांव-सिलोस, देवलिंग-गंगी, धोपड़धार-समणगांव, सांकरी-वीना, बूढ़ाकेदार-पिंस्वाड़, बूढ़ाकेदार-अयांरकाखाल, सेंदुल-पटुड़गांव, चमियाला-कांगड़ा, पोखार-गेंवली, तिनगढ़-गेंवाली आदि।
कई मोटर मार्ग वन अधिनियम के कारण अधर में लटके हुए हैं। कुछ पर सैद्धांतिक स्वीकृत मिल गई है, धनराशि मिलते ही उन पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
- रत्नेश सक्सेना, एई, लोनिवि घनसाली।