नागणी से खाड़ी के बीच जगह-जगह मलबे के ढेर लगे होने से राहगीर हो रहे परेशान
बीआरओ बगरधार के पास बने भूस्खलन जोन की सफाई तक ही सीमित
नई टिहरी। सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने का कार्य चल रहा है लेकिन ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर नागणी से खाड़ी के बीच आपदा के समय जगह-जगह आया मलबा नहीं हटाया गया है। एनएच पर बने गड्ढे भी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। इस पांच किमी क्षेत्र में हाईवे सबसे खराब स्थिति में होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। बीआरओ बगरधार के पास बने भूस्खलन जोन की सफाई करने तक ही सीमित है।
बारिश में ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन होने से सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे हैं। नागणी से खाड़ी के बीच सबसे ज्यादा दिक्कत है। क्षेत्र में एनएच पर 12 से अधिक स्थानों पर लंबे समय से मलबा पसरा है। शासन-प्रशासन सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त बनाने की मुहिम में जुटा है लेकिन बीआरओ खस्ताहाल हुए हाईवे को गड्ढ़ा मुक्त सड़क अभियान का हिस्सा नहीं बना पा रहा है।
आमसेरा के पास सड़क का ज्यादातर हिस्सा हेंवल नदी के कटाव से बह गई है जिससे वहां पर सड़क काफी संकरी हो गई है। कार्यदायी संस्था उसका ट्रीटमेंट भी शुरू नहीं कर पाई है। एनएच से सफर कर रहे लोगों का कहना है कि एनएच पर जब सड़क खस्ताहाल स्थिति में है तो राज्य मार्ग, जिला मार्ग और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
नागणी में व्यवसायी रमेश नेगी ने बताया कि बीआरओ के किसी अधिकारी के भ्रमण के दौरान सड़क पर बने गड्ढे मिट्टी से भरे गए थे लेकिन कुछ समय बाद ही फिर से दिखने लगे हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एनएच पर बगरधार के पास बना भूस्खलन जोन नासूर बन गया है। वहां पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण दिनभर यातायात धीमी गति चल रहा है लेकिन नागणी-खाड़ी के बीच ऐसी कोई समस्या नहीं होने के बावजूद मलबा नहीं हटाया गया है।
नागणी-खाड़ी के बीच सड़क किनारे जमा मलबा हटाने के लिए वहां मशीन भेज दी गई है लेकिन मशीन का ऑपरेटर नहीं मिलने के कारण मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। मशीन ऑपरेटर मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। आमसेरा के पास सड़क का कटाव रोकने के लिए वहां जल्द दीवार लगाई जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह रावत, सहायक अभियंता, बीआरओ।