जीआईसी की काॅलोनी की दुर्दशा पर अभिभावकों ने उठाए सवाल
नैनबाग (टिहरी)। मरम्मत के अभाव में राजकीय इंटर कॉलेज नैनबाग के आवासीय भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। आवासीय भवनों की देखरेख नहीं होने से उनमें झाडियां उग गई है। खतरे को देखते हुए विद्यालय में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी इन भवनों पर रहने को तैयार नहीं है जिससे काॅलोनी वीरान हो रह गई है। वहां जंगली जानवरों और पशुओं को अड्डा बन गया है।
1978 में इंटर कॉलेज के समीप शिक्षकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए आवासीय कॉलोनी का निर्माण किया गया था। 2012 में नैनबाग में तहसील खुलने के दौरान आवासीय भवनों पर वैकल्पिक पर तहसील को दिया गया था। तीन-चार साल पहले तहसील का भवन बनने पर तहसील वहां शिफ्ट हो गई। तब से यह भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रधान प्रदीप कवि, गंभीर सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग को जर्जर आवासीय कॉलोनी के भवनों की मरम्मत करने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन विभागीय अधिकारियों ने प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया। प्रधानाचार्य चंद्रशेखर नौटियाल का कहना है कि विद्यालय को कलस्टर विद्यालय योजना के तहत चयनित किया गया है। योजना के अंतर्गत आवासीय कॉलोनी का उपयोग छात्रावास सुविधा के लिए करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।