नई टिहरी। स्थानीय निकाय चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस को अपने ही बागियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। नई टिहरी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए दोनों पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ पार्टी के ही बागी मैदान में उतर आए हैं। इससे न केवल दोनों पार्टियों की रणनीति प्रभावित हो रही है, बल्कि पार्टी पदाधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई है।
निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के लिए स्थिति गंभीर हो गई है। क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी से अधिकृत प्रत्याशी के अलावा दो अन्य नेताओं ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। भाजपा के डीसीडीएफ के पूर्व अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद नौटियाल और राज्य आंदोलनकारी विक्रम सिंह कठैत ने भी नामांकन कर पार्टी पदाधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी है।
बागियों का कहना है कि वे पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं और क्षेत्र के विकास के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के लिए भी स्थिति कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। कांग्रेस से अधिकृत प्रत्याशी के अलावा दो अन्य बागियों ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गांगा भगत सिंह नेगी और देवेंद्र नौडियाल के चुनाव मैदान में उतरने से पार्टी पदाधिकारी असमंजस में हैं कि इन बागियों को कैसे मनाया जाए।
चुनाव इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों के लिए अग्निपरीक्षा साबित हो रही है। बागियों का रुख न केवल पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी तय करेगा कि चुनाव में पार्टी की रणनीति कितनी प्रभावी होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल कहना है कि भाजपा अनुशासित पार्टी है। अंतिम दौर तक नामांकन कराने वालों से वार्ता कर समाधान निकाल लिया जाएगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा का कहना है कि टिकट किसी एक को ही दिया जा सकता है। इस बात को उन्हें समझाने का प्रयास चल रहा है।