उत्तरकाशी। भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रामसुंदर नौटियाल ने सड़क एवं परिवहन मंत्रालय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तरकाशी की भागीरथी घाटी क्षेत्र में 2010 से बंद पड़ी जल विद्युत परियोजनाओं की सुरंगों को गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर विकसित करने की मांग की। कहा कि गंगोत्री धाम और भारत चीन सीमा को जोड़ने वाले गंगोत्री हाईवे के इस अतिसंवेदनशील हिस्से को टनल से जोड़ने पर आवाजाही सुरक्षित बनी रहेगी।
बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात कर नौटियाल ने गंगोत्री हाईवे पर उत्तरकाशी से भैरोंघाटी तक ऑल वेदर रोड़ परियोजना के अवशेष हिस्से में शीघ्र चौड़ीकरण शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान स्थानीय लोगों के साथ ही देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इसका असर यात्रियों की यात्रादिवसों और स्थानीय पर्यटन पर पड़ रहा है। कहा कि हाईवे चौड़ीकरण के बाद यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी की भागीरथी घाटी में भागीरथी नदी पर निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं पर साल 2010 में रोक लगा दी गई थी। लेकिन परियोजनाओं का काम 70 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका था। इसके लिए भटवाड़ी से सुक्की के बीच कई जगहों पर सुरंगों का निर्माण किया गया, जिन्हें परियोजना बंद होते ही खुला छोड़ दिया गया।