नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संघर्ष समिति ने डीएम मयूर दीक्षित से मुलाकात कर बांध प्रभावितों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। समिति के पदाधिकारियों की मांग पर डीएम ने 30 जनवरी को नैनबाग तहसील में बांध प्रभावितों की जन सुनवाई की तिथि नियत की है।
यमुना नदी पर बनने वाले 300 मेगावाट जल विद्युत परियोजना से जौनसार-जौनपुर क्षेत्र के लगभग 17 गांव के काश्तकार की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। सोमवार को लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ़ बीरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे। समिति के लोगों ने कलेक्ट्रेट में डीएम को बांध प्रभावितों की समस्याओं से अवगत कराया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने डीएम को मांगपत्र सौंपते हुए बताया कि प्रभावितों की समस्याओं को देखते हुए उनकी आपत्तियों और समस्याओं की सुनवाई तहसील नैनबाग में की जानी चाहिए। लखवाड़ जल विद्युत परियोजना से नैनबाग और धनोल्टी तहसील के 17 गांव के ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। नैनबाग में प्रभावितों की सुनवाई की जाने से उनकी उपस्थिति अधिक रहने के साथ पारदर्शिता भी बनी रहेगी। साथ ही लोग अपनी समस्याओं को स्पष्टता से अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।
उन्होंने बताया कि बांध से प्रभावित की समस्याओं की जन सुनवाई पहले तीन जनवरी को होनी थी, लेकिन संघर्ष समिति की मांग पर डीएम ने 30 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। इस मौके पर सिया सिंह चौहान, प्रदीप कवि, राकेश रातव, जयपाल राणा, आनंद सिंह, संदीप रावत, सुकेश रावत आदि मौजूद थे।