राहत एवं बचाव कार्य का क्विक रिस्पांस टाइम बेहतर रहा:सीडीओ
नई टिहरी। चारधाम यात्रा के दौरान किसी प्रकार की आपदा, आपातकालीनि परिस्थितियों और अत्यधिक भीड़ से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कर तैयारियां परखी गई। जिले में कंडीसौड़ तहसील, कीर्तिनगर, देवप्रयाग और टिहरी तहसील में चारधाम यात्रा मार्ग पर टिहरी जिलाशय से अतिरिक्त जल निकासी, चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर भूस्खलन से निपटने का सफल अभ्यास किया गया।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले संभावित आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास की तैयारियों का मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, भू-धंसाव, बस दुर्घटना और बांध में रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया गया। इसके लिए सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने सुबह नौ बजे इंडियन रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) और संबंधित अधिकारियों को सक्रिय करते हुए आपातकालीन परिचालन केंद्र से अलर्ट जारी किया। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व सहित संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को शीघ्र नजदीकि अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। सीडीओ ने बताया कि किसी प्रकार की आपदा से निपटने को किए गए अभ्यास का क्विक रिस्पांस टाइम सही रहा। इस मौक पर एडीएम अवधेश कुमार सिंह, डीडीओ मो. असलम, एआरटीओ सत्येंद्र राज, डीडीएमओ बृजेश भट्ट और डीटीडीओ एसएस राणा आदि मौजूद थे।