नई टिहरी में आंदोलनरत बांध प्रभावितों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।
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भूखंड आवंटन करने और टीएचडीसी में रोजगार देने समेत कई मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देने जा रहे बांध प्रभावितों को पुलिस ने ढाइजर में गिरफ्तार कर लिया। इससे गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह कई दिनों से बौराड़ी में धरना देते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। हिरासत में लिए गए बांध प्रभावितों ने जमानत लेने से इनकार किया तो पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 19 महिला-पुरषों का चिकित्सीय परीक्षण करने के बाद एसडीएम कोर्ट में पेश किया, लेकिन देर शाम तक किसी ने भी मुचलका नहीं भरा।
टिहरी बांध प्रभावित रौलाकोट, गडोली और भल्डियाणा गांव के लोग भूखंड आवंटन करने, पात्रता का निर्धारण वर्ष 2021 के आधार पर करने और बांध प्रभावितों को टीएचडीसी में स्थायी रोजगार देने की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से जिला मुख्यालय के बौराड़ी गणेश चौक धरना देते आ रहे हैं। मंगलवार को वह कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने और जिला मुख्यालय पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत को ज्ञापन देने जा रहे थे कि इससे पहले ढाइजर में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। प्रभावितों ने वहां पहुंचीं एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। बांध प्रभावितों ने कहा कि शासन-प्रशासन उनकी परेशानी नहीं समझ रहा है, जिससे वह जर्जर मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की ओर से मुचलका भरने से इनकार करने पर पुलिस ने सभी 19 लोगों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद एसडीएम कोर्ट में पेश किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सागर भंडारी ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देने से बलपूर्वक रोका गया है। इसलिए कोई भी निजी मुचलका नहीं भरेगा और वह जेल के अंदर भी आंदोलन जारी रखेंगे। देर शाम तक मामला शांत नहीं हुआ। एसडीएम ने कहा कि सभी आंदोलनकारियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया जाएगा। हिरासत में लिए गए लोगों में दीपक थललियाल, विश्वजीत नेगी, सबल सिंह धनाई, युद्धवीर बिष्ट, हीरालाल, पुरुषोत्तम रावत, बुद्धि रावत, कुंदन रावत, देवकी देवी, छटांगी देवी, सोनी देवी, इंद्रा, प्रवीन भंडारी और गोदांबरी आदि शामिल थे।