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पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों ने ईई का पुतला फूंका

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नगर में जलापूर्ति सुचारु नहीं होने पर लोगों ने जल संस्थान के प्रति आक्रोश जताया। गुस्साए लोगों ने जल संस्थान के उपखंड कार्यालय में सांकेतिक धरना देकर ईई (अधिशासी अभियंता) का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि जल्द पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं कराई गई तो संस्थान के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
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नगर के लंबे समय से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कहने पर भी व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को जल संस्थान के उपखंड कार्यालय पहुंचकर सांकेतिक धरना देने के बाद ईई का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट से जूझ रहे नगर क्षेत्र के लोगों को कभी-कभार ही पानी मिल पाता है तो कई बार पानी मटमैला आता है। जेई विपिन कुमार ने प्रदर्शनकारियों को जल्द समस्या समाधान करने का आश्वासन दिया। पुतला फूंकने वालों में अक्षतपवन बिजल्वाण, अनिल बिजल्वाण, सचिन सजवाण, दिनेश तड़ियाल, सुमित रावत, गौरव बिष्ट, मनीष और अमन आदि शामिल थे।
पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से बना संकट
नई टिहरी। नरेंद्रनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत रौंदेली, तमियार, बनाली, पसर और अदवाणी की रौंदेली पेयजल लाइन सालभर से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे इन गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने डीएम को इस संबंध में ज्ञापन दिया। बताया कि पेयजल लाइन की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, इसके बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस योजना पर अब तक खर्च किए गए बजट की जांच करने की मांग की।
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अदवाणी की प्रधान प्रमिला देवी ने बताया कि पानी के संकट को देखते हुए जल संस्थान तीसरे-चौथे दिन टैंकर से आपूर्ति कर रहा है, जिससे ग्रामीण किसी तरह काम चला रहे हैं। जबकि अन्य गांवों के ग्रामीणों को दो से तीन किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांव के जयपाल सिंह राणा ने बताया कि सालभर पहले सड़क निर्माण से लाइन क्षतिग्रस्त होने पर पीएमजीएसवाई ने योजना को शिफ्ट करने के लिए 49 लाख रुपये दिए हैं, जल संस्थान ने इस बजट को भी ठिकाने लगाने के लिए गुपचुप निविदा जारी कर चहेतों को काम देने का प्रयास किया है। उन्होंने डीएम से योजना पर अब तक हुए कार्य और कुछ समय पहले जारी की गई निविदा की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश जोशी, यूकेडी जिलाध्यक्ष विजय पंवार, दिनेश राणा और प्रमिला रावत आदि शामिल थे। संवाद
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