नारेबाजी कर बंद कराया चुगान कार्य, नदी किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण करने की मांग
चंबा (टिहरी)। ग्रामीणों की सहमति के बिना आमसेरा में हेंवल नदी से रेत और पत्थरों का चुगान करने पर स्थानीय लोग भड़क उठे। मौके पर पहुंचे लोगों ने चुगान कार्य बंद करा दिया। मशीनों, मजदूरों और डंपरों को नदी किनारे से बाहर खदेड़ दिया। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ऋषिकेश-चंबा हाईवे के समीप आमसेरा में हेंवल नदी में रेत व पत्थरों का चुगान किया जा रहा है। नदी किनारे चुगान करने की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सजवाण, बीडीसी सदस्य सोबत सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुगान करने के लिए ग्रामीणों से कोई भी सहमति नहीं ली गई।
बिना सहमति के काश्तकारों के खेतों से रास्ता निकाल कर नदी से चुगान का कार्य चालू किस आधार पर शुरू किया गया। बीते अगस्त व सितंबर में आपदा से गांव का रास्ता, पैदल पुल टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया था। कई खेत हेंवल नदी में समा चुके हैं। नदी किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण तक नहीं किया गया। चुगान होने से खेतों और रास्तों का बरसात में अधिक नुकसान हो सकता है।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने बिना ग्रामीणों की सहमति के चुगान होने पर जमकर नारेबाजी की। चुगान कार्य को बंद दिया। कहा कि जब तक नदी किनारे सुरक्षा दीवार और क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत नहीं हो जाती तब तक किसी भी दशा में चुगान नहीं करने दिया जाएगा। इस मौके पर कुलबीर चौहान, राजेश उनियाल, पूरण सिंह, विरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, सोबन सिंह, होशियार सिंह, रजनी देवी, चैता देवी, पूरण सिंह, शिव सिंह आदि मौजूद रहे।