जिला अस्पताल बौराड़ी से लेकर जिले के अन्य अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों में रेबीज के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने को मजबूर बने हैं।
शनिवार को नगर के बौराड़ी के अलग-अलग स्थान पर कुसुम को कुत्ते और अनीता को बंदर ने काट दिया था। परिजन उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी लाए थे, लेकिन अस्पताल में 10-15 दिन से रेबीज का टीका न होने के कारण मरीजों को इंजेक्शन नहीं दिया जा सका। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की मरहम पट्टी कर रेबीज इंजेक्शन के लिए एम्स रेफर कर दिया। पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने बताया कि पीड़ित परिजन रेबीज के टीका के लिए सरकारी से लेकर प्राइवेट मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाते रहे। बावजूद कहीं भी उन्हें रेबीज का टीका नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें मजबूरन हायर सेंटर जाना पड़ा। जिले के घनसाली, प्रतापनगर, नरेंद्रनगर, चंबा समेत अन्य सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी मेडिकल स्टोरों में भी रेबीज के टीके नहीं मिल रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भागीरथी जंगपांगी ने का कहना है कि जो रेबीज इंजेक्शन मुहैया थे, वह अस्पतालों को दिए गए थे। निदेशालय को डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही निदेशालय से रेबीज इंजेक्शन मिल जाएंगे।