सीएचसी कंडीसौड़ के गेट नौ बजे बाद खुले, हरेला की छुट्टी बताकर डॉक्टर नदारद
कंडीसौड़ (टिहरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ के गेट बुधवार को साढ़े नौ बजे बाद खुले जिससे मरीजों को भटकना पड़ा। डॉक्टर नहीं होने के कारण आकस्मिक सेवा भी बंद थी। ऐसे में लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
ग्राम पंचायत इंडियान गांव की 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला विमला देवी बुधवार सुबह अपने घर में ही गिर गईं। हाथ में गंभीर चोट आने पर उनका बेटा महिपाल रावत उन्हें निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ ले गए लेकिन अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला। महिपाल ने फोन कर डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर करीब साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचे।
हरेला पर्व की छुट्टी बताकर अस्पताल का पूरा स्टाफ नदारद रहा। इमरजेंसी सेवा भी बंद रही। अस्पताल हर रोज सुबह आठ बजे खुलता है लेकिन बुधवार को नौ बजे तक गेट नहीं खुलने के कारण बाहर मरीजों की भीड़ जमा हो गई। विमला देवी के हाथ की गंभीर चोट को देखते हुए उनका बेटा एक्सरे कराना चाहता था लेकिन डॉक्टर ने दवा देकर उन्हें घर भेज दिया। एक्सरे के लिए बृहस्पतिवार को बुलाया। इस दौरान बृजेश रावत, गोकुलदास, पिंगला देवी, अर्जुन राणा सहित कई अन्य लोग भी स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन आकस्मिक सेवा बंद रहने के कारण उन्हें बिना स्वास्थ्य परीक्षण के बैरंग लौटना पड़ा।
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष लखीराम उनियाल, व्यापार सभा के अध्यक्ष सुमेर सिंह पंवार, प्रेम सिंह राणा, गंगा प्रसाद खंडूड़ी, नारायण सिंह नेगी ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए कहा कि अवकाश के दिन भी इमरजेंसी सेवा चालू रहनी चाहिए।
हरेला पर्व पर अवकाश होने के कारण विमला देवी का आज एक्सरे नहीं हो पाया है। उन्हें एक्सरे के लिए कल बुलाया गया है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के देर से अस्पताल पहुंचने के कारणों की जांच की जाएगी। इमरजेंसी के लिए अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
– डॉ. श्याम विजय, सीएमओ, टिहरी