ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए तहसीलदार ने जारी किया अभियंताओं को पत्र
घनसाली (टिहरी)। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए जारी किए जा रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्रों में बढ़ते फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। तहसीलदार ने संबंधित अभियंताओं को जारी पत्र में कहा कि अब स्थलीय निरीक्षण की जीपीएस फोटो के साथ संलग्न रिपोर्ट ही स्वीकृत की जाएगी।
घनसाली तहसीलदार हरीश चंद्र जोशी ने इस संबंध में संबंधित अभियंताओं को पत्र जारी कर कहा है कि अब बिना स्थलीय निरीक्षण के कोई रिपोर्ट स्वीकृत नहीं की जाएगी। अधिशासी अभियंता लोनिवि, ग्रामीण निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई सहित खंड विकास अधिकारियों को जारी पत्र में तहसीलदार ने कहा कि प्रत्येक आवेदक की संपत्ति और घर का भौतिक सत्यापन आवश्यक रूप से किया जाए।
अब हर निरीक्षण की रिपोर्ट जीपीएस फोटो के साथ संलग्न करनी होगी। यदि किसी भी मामले में अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी और अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पर 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है।
इस सुविधा के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाएगा। ताकि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के गलत इस्तेमाल पर रोक लग सके और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।