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17 साल से सड़क से नहीं जुड़ पाया शहीद का गांव

Tue, 26 Jul 2016 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
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शहीदों के सम्मान के नाम पर शौर्य दिवस से लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है। अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि शहीदों के लिए हर कुछ कर गुजरने का सपना दिखाते हैं, लेकिन ये सिर्फ घोषणाओं तक ही सिमट कर रही जाती है। कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव खेमड़ा को सड़क से जोड़ने की घोषणा के 17 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।
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जिला मुख्यालय के समीप खेमड़ा निवासी 17वीं गढ़वाल रायफल में तैनात दिनेश दत्त बहुगुणा दुश्मनों से लोहा लेते हुए 30 जून 1999 को कारगिल के बारामुला में 30 साल की उम्र में शहीद हो गया था। तब राज्य सरकार ने शहीद के गांव को सड़क से जोड़ने की घोषणा की थी।

बमुश्किल 2004 में भागीरथीपुरम-खेमड़ा-कुंडाली पांच किमी मोटर मार्ग 69 लाख से स्वीकृत हुआ। बावजूद सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि समेत अन्य दिक्कतों को दूर न किए जाने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीण वर्षों से सड़क निर्माण को लेकर लोनिवि के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी शहीद के गांव तक सड़क पहुंचाने को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रहे हैं।
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शहीद की माता शारदा देवी का कहना है कि उनके बेटे ने भारत माता की सेवा के लिए अपने प्राणों की बलि दी है। उस पर उन्हें गर्व है पर अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते गांव को सड़क तक नहीं जोड़ पाए हैं। प्रधान राजेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर लोनिवि के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन शहीद के गांव के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

सड़क निर्माण को लेकर आ रही वनभूमि से लेकर पूर्व शासन के ओर से लगाई गई आपत्तियों का निराकरण किया जा चुका है। करीब एक सप्ताह पूर्व सड़क निर्माण की फाइनल डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है। डीपीआर को स्वीकृति मिलते ही निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
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-अजय काला, सहायक अभियंता लोनिवि बौराड़ी।
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