फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगाह करने के बाद भी नहीं ली हाईवे की सुध

विज्ञापन
विज्ञापन
नई टिहरी। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही अमर उजाला ने ऑल वेदर रोड के काम के चलते ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे की बताई थी। ‘शिव भक्तों की राह होगी कठिन’ शीर्षक से यह खबर 16 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
विज्ञापन

ऋषिकेश-चंबा-धरासू हाईवे पर आल वेदर रोड के चौड़ीकरण कार्य के चलते कांवड़ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया गया था। रविवार को नरेंद्रनगर बगड़धार में कांवड़ यात्रियों के वाहन के ऊपर बोल्डर गिरने की घटना ने प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। ऋषिकेश भद्रकाली से लेकर चंबा और चंबा से आगे कमंाद तक ऑल वेदर परियोजना के तहत हाईवे चौड़ीकरण का कार्य जोरशोर से चल रहा है। निर्माण के दौरान चट्टानों पर कटिंग कार्य होने से कई स्थानों पर पहाड़ियां खोखली बनी हुई है। नागणी, दुआधार, कुम्हारखेड़ा में सड़क किनारे मलबा डंप होने से सड़क संकरी बनी हुई है। यहां लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
हाईवे की स्थिति बदहाल होने से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांति पूर्ण संपन्न कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बड़ी संख्या में गंगा जल लेने गोमुख जाने वाले कांवड़ियों के वाहन फर्राटा भरते है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद प्रशासन और बीआरओ ने संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। सड़क चौड़ीकरण के लिए काटी जा रहे पहाड़ियों पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से 21 जुलाई को फकोट में हुए भूस्खलन से एक आवासीय भवन जमींदोज हो गया था। 26 जुलाई को आगराखाल मेें हाईवे पर हुए भूस्खलन से दुकान का एक खोखा टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया था। हाईवे पर लगातार हो रहे भूस्खलन क्षेत्रों में ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें