नई टिहरी। कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिह्नीकरण समिति की बैठक हुई। समिति के समक्ष 11 प्रकरण प्रस्तुत किए गए लेकिन अधिकांश मामलों में पर्याप्त साक्ष्य और अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
एडीएम ने बताया कि शासन ने चिन्हीकरण की अवधि भी 24 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। बैठक में चंबा के दर्शन लाल कुकरेती, कीर्तिनगर के सुंदरमणि, टिहरी के विक्रम सिंह बिष्ट, विद्या नेगी, मनोहर सिंह चौहान, दिनेश सिंह राणा, भूपेंद्र सिंह तोपवाल, धनोल्टी के जगत सिंह और वीरेंद्र सिंह चौहान, भिलंगना के तेजराम सेमवाल व धनपाल से संबंधित 11 लोगों के नाम पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के दौरान अधिकांश मामलों में आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख पर्याप्त नहीं पाए गए।
बैठक में समिति के सदस्यों ने विभिन्न प्रकरणों में शासनादेशों के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की। बैठक में एसडीएम कमलेश मेहता, समिति के सदस्य डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, दिनेश डोभाल, महिपाल रावत, लोकेंद्र दत्त जोशी, पुरुषोत्तम बिष्ट, विद्या नेगी, सीता देवी आदि मौजूद रहे। संवाद