छास्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में छात्रों में वैज्ञानिक सोच का विकास विषय पर चल रहा दो दिवसीय सेमिनार संपन्न हो गया। वक्ताओं ने विज्ञान की उपलब्धियों के प्रति सजगता से आगे बढ़ते हुए छात्रों को खोजी प्रवृति के साथ नए प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
स्वामी रामतीर्थ परिसर के भौतिक और गणित विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में गोपेश्वर महाविद्यालय के डा. मुकेश रावत ने कहा कि 90 वर्ष पूर्व प्रो. सीवी रमन का रमन प्रभाव आधुनिक युग के लिए चमत्कारिक प्रयोग है। पीजी कालेज नई टिहरी डा. मणिकांत शाह ने बताया कि किस प्रकार विज्ञान के माध्यम से समाज में सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। डा. डीके शर्मा ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से धीरे-धीरे दुर्लभ प्रजाति के पक्षी विलुप्त हो रहे हैं। इस मौके पर डा. वीना जोशी, सेमिनार के समन्वयक प्रो. आरसी रमोला, आयोजक सचिव डा. केसी पेटवाल, प्रो. पीडी सेमल्टी,प्रो डीके पांडेय, डा. जेडीएस नेगी, हंसराज बिष्ट, डा. अर्चना शाह, डा. कौशल किशोर बिजल्वाण आदि मौजूद थे।
इन छात्रों को किया गया सम्मानित
सेमिनार में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्रों को परिसर निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने सम्मानित किया। व्याख्यान प्रस्तुतीकरण में ध्रुव बधानी पहले, देवव्रत कंसवाल दूसरे और दिव्या जसरोटियां तीसरे स्थान पर रहे। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में अनीता गुसाईं प्रथम, शंकर सुयाल द्वितीय रहे। भाषण में शंकर सुयाल प्रथम, अंकिता कठैत द्वितीय और स्नेहा कोठारी तृतीय स्थान पर रही।