राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि टिहरी जिले के तीन होनहार खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए खिलाड़ियों और उनके व्यायाम शिक्षकों को सूचना देने तक की जरूरत नहीं समझी गई।
शिक्षा विभाग की 65वीं राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता आज से कर्नाटक में शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता के लिए अंडर 17 बालक वर्ग में राइंका बेरगणी पाली के छात्र मनीष पाल और बालिका वर्ग अंडर 17 में राइंका नागणी की छात्रा संजना का चयन हुआ था। 15 नवंबर को इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए देहरादून से रवाना होना था, लेकिन मनीष पाल को यह सूचना 16 नवंबर को दी गई। जबकि राइंका नागणी की छात्रा संजना और व्यायाम शिक्षक सीपी सिंह को आजतक सूचना नहीं दी गई है।
यही नहीं, राइंका चंबा के छात्र धीरज सिंह नेगी और व्यायाम शिक्षक दर्शन सिंह गुसाईं को भी नेशनल प्रतियोगिता में जाने की सूचना नहीं मिल पाई। धीरज का चयन अंडर 19 बालक वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता के लिए हुआ था। नई दिल्ली में 18 नवंबर से नेशनल स्तर पर यह प्रतियोगिता शुरू हो चुकी है। राइंका नागणी के व्यायाम शिक्षक सीपी सिंह और चंबा के डीएस गुसाईं को अमर उजाला में मनीष पाल का समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रतियोगिता की जानकारी मिली। चंबा के बीईओ एसएस चौहान का कहना है कि नेशनल स्तर की प्रतियोगिता में राइंका नागणी की छात्रा और राइंका चंबा के छात्र को भेजने की उन्हें कोई मेल नहीं मिली है। सीईओ और जिला खेल समन्वयक के स्तर पर ही यह चूक हुई है।
खिलाड़ियों को नेशनल खेल में भेजने की सूचना सभी बीईओ को मेल से भेजी गई थी, जिसका रिकार्ड कार्यालय में उपलब्ध है। कीर्तिनगर और नरेंद्रनगर बीईओ को भी उसी मेल की सीसी की गई थी। जो उन्हें प्राप्त हुई है।
-श्याम सिंह श्रीयाल, जिला खेल समन्वयक टिहरी
जिला खेल समन्वयक की जिम्मेदारी थी कि वह सभी खिलाड़ियों, व्यायाम शिक्षकों और बीईओ को समय पर सूचना दे। लापरवाही क्यों बरती गई है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी