नए शिक्षा सत्र 2020-21 में भी श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों और स्ववित्त पोषित कॉलेजों में एनसीसी शुरू होने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि एनसीसी निदेशालय से विवि को सीटें आवंटित नहीं हो पाई है। अब विवि के अधिकारी लॉकडाउन खुलने के बाद एनसीसी निदेशालय को दोबारा से प्रस्ताव भेजने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
श्रीदेव सुमन विवि 2012 में अस्तित्व में आ गया था। गढ़वाल मंडल के सभी 52 राजकीय महाविद्यालयों के अलावा 132 स्ववित्त पोषित कॉलेज श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध है, लेकिन संबद्ध कॉलेजों में एनसीसी शुरू करने के मामले में विवि प्रशासन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। विवि से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं लगातार एनसीसी शुरू करने की मांग उठाते आए हैं। क्योंकि एनसीसी प्रमाणपत्र धारक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं और भारतीय सेना में भर्ती होने पर वेटेज अंक मिलते हैं।
छात्रों की मांग पर गत वर्ष विवि प्रशासन ने संबद्ध सभी कॉलेजों से सीटों का प्रस्ताव मांगा था। विवि की ओर से एनसीसी निदेशालय को दो हजार सीटें आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन निदेशालय को प्रस्ताव भेजने के बाद विवि प्रशासन ने खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। विवि प्रशासन की इस लचर कार्य प्रणाली का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
एनसीसी निदेशालय को दो हजार सीटें विवि को आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन जवाब नहीं आया। कुलपति ने दोबारा प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद विवि दोबारा से एनसीसी निदेशालय को पत्राचार करेगा।
-डा. हेमंत बिष्ट, क्रीड़ा समन्वयक श्रीदेव सुमन विवि