नई टिहरी। उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ ने तैयारियां शुरू कर दी है। राष्ट्रीय खेलों के तहत टिहरी बांध की झील में कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग की प्रतियोगिता कराई जानी प्रस्तावित है। उक्त प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन की तैयारी को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ से गठित गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) की चार सदस्यीय टीम ने टिहरी बांध के जलाशय और एक्रो एडवेंचर सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
भारतीय ओलंपिक संघ से गठित गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) की चार सदस्यीय टीम रविवार को टिहरी के कोटीकॉलोनी पहुंची। जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि 38वें राष्ट्रीय खेल 2025 की मेजबानी उत्तराखंड को मिली है। भारतीय ओलंपिक संघ ने खेलों की तिथि निर्धारित कर दी है।
28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में यह आयोजन होने हैं। पहली बार इतने बड़े स्तर पर उत्तराखंड में खेलों का आयोजन किया जा रहा है। सूचीबद्ध 34 ओलंपिक खेलों के तहत टिहरी बांध जलाशय में कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग की प्रतियोगिताएं प्रस्तावित है।
इनके निरीक्षण के लिए जीटीसीसी टीम में शामिल प्रशांत कुशवाहा, साइरस पोंछा, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, एसपी देशवाल, वाटर स्पोर्ट्स खेल के डायरेक्टर ऑफ कंपटीशन कैना सलालम बिल्किस मीर, कुलदीप कीर, मुकेश शर्मा ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बाद में जीटीसीसी की चेयरपर्सन सुनैना ने उत्तरांचल ओलंपिक महासंघ के महासचिव डॉ. डीके सिंह ने रुद्रपुर से टिहरी झील पहुंचकर सुविधाओं का निरीक्षण किया।
जिला क्रीड़ाधिकारी रावत ने टीम को बताया कि पूर्व में टिहरी झील में राष्ट्रीय स्तर की जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं दो बार और एक्रो पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताएं सफलता पूर्वक संपन्न कराई जा चुकी है। झील के पास निर्मित एडवेंचर एकेडमी को आईटीबीपी की ओर से संचालित किया जा रहा है। टीएचडीसी की ओर से कोटेश्वर बांध क्षेत्र में हाई परफार्मेंस एडवेंचर स्पोर्ट्स एकेडमी बनाई गई है। इस मौके पर उत्तराखंड नेशनल गेम्स के कोच जगवीर सिंह, आईटीबीपी व साई कैंप प्रभारी वैशाख सिंह, कोच राजीव कुमार, ननाओ देवी, अजब सिंह मौजूद थे।
राष्ट्रीय खेलों के तहत टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग की प्रतियोगिता कराने के लिए जीटीसीसी की टीम ने टिहरी झील का भ्रमण कर व्यवस्थाओं जायजा लिया। वाटर स्पोर्ट्स के आयोजन को लेकर टिहरी जलाशय क्षेत्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
डाॅ. डीके सिंह, महासचिव उत्तराखंड ओलंपिक संघ।