नैनबाग (टिहरी)। राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-यमुनोत्री 507 पर मसूरी बैंड के पास अगलाड़ नदी के ऊपर बना बैली ब्रिज पर बिछी लोहे की प्लेटों के नट बोल्ड ढीले होने से प्लेटों के उखड़ने खतरा बना है। पुल के बीच में एक बड़ा पत्थर रखने होने से वाहनों की आवाजाही के लिए खतरा बना है।
एनएच 507 अगलाड़ नदी पर बना बैली ब्रिज वाहन चालकों के लिए परेशानी बना है। पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। भाजपा युवा मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष राजेश सजवाण, नैनबाग टटोर के पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत ने बताया कि बैली ब्रिज स्थानीय लोगों के अलावा यमुनोत्री धाम, हिमाचल प्रदेश, उत्तरकाशी के साथ चीन बॉर्डर को जोड़ता है जिससे पुल से हर समय वाहनों की आवाजाही रहती है।
गत कई दिनों पहले पुल पर बिछाई गई लोहे की प्लेटों के नेट बोल्ड ढीले होने से वाहनों के गुजरने के दौरान प्लेटों में भारी कंपन के साथ आवाज कर रही है। पुल से गुजरने के दौरान वाहन चालकों को दुर्घटना का डर भी सता रहा है। पुल के बीचों-बीच एक बड़ा पत्थर रखे जाने से हर समय वाहन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। हो सकता है एनएच के कर्मियों ने प्लेटों को दबाने या फिर बड़े वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने के लिए पुल पर पत्थर रखा गया होगा।
रात के समय वाहन चलते समय दूर से पत्थर दिखाई नहीं देता है जिससे तेज गति से चलने वाले वाहन के पत्थर पर टकराने की संभावना बनी है। प्लेटों के नेट बोल्ड ढीले होने पर विभाग को चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए था। पुल के बीच में पत्थर रखने से दुर्घटना घट सकती है। उन्होंने एनएच के अधिकारियों से शीघ्र पुल की मरम्मत करने और पुल के बीचों-बीच में रखे पत्थर को हटाने की मांग है।
पुल के बीच में पत्थर रखने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। पत्थर को तत्काल हटाया दिया जाएगा। पुल की प्लेटों का ठीक करने के लिए शीघ्र एस्टीमेट तैयार कर मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, एनएच 507 बड़कोट।