जाखणीधार की ब्लाक प्रमुख बेबी असवाल ने पर्यटन मंत्री एवं टिहरी के विधायक पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 24 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए एसडीएम टिहरी को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन पीठासीन अधिकारी मंत्री के दबाव में बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके परिवार, क्षेत्र पंचायत सदस्यों को डराया धमकाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पत्रकार वार्ता कर प्रमुख बेबी असवाल ने कहा कि हमारे पास पूर्ण बहुमत है। किसी तरह के कोई भी आरोप नहीं है कि सदस्य उन्हें हटाना चाहते हैं। यह केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कारण है। उन्होंने पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले ज्येष्ठ प्रमुख समेत उनके समर्थकों पर धनबल, बाहुबल व सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सदस्यों एवं उनके परिजनों को डरा धमकाया जा रहा है।
सदस्यों के घरों पर रात को पुलिस भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सदस्यों पर पूरा भरोसा है कि धनबल, बाहुबल को दरकिनार करते हुए एक महिला के सम्मान में खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ प्रमुख मस्ता नेगी व अन्य लोगों के खिलाफ लिखित थाने में तहरीर दी गई है। यदि उन्हें व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर ज्येष्ठ प्रमुख जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि एक साल पहले उनके पति को आवंटित पूल्ड हाउस के आवास का कब्जा नहीं दिया गया।
बल्कि जिस आवास पर वह सपरिवार रह रही हैं, उसे खाली करवाने के लिए नोटिस चस्पा किया गया है। अब उन्हें घर से बाहर निकालने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इस मौके पर थौलधार की प्रमुख बबीता शाह, भाजपा के जिला महामंत्री दिनेश डोभाल, मंडल अध्यक्ष उदय रावत, हरि सिंह पुंडीर, विनोद बिष्ट आदि मौजूद थे।
आरोपों को बताया निराधार
प्रमुुख की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। आज भी सदस्य हमारे साथ खड़े हैं। प्रमुख एवं उनके समर्थक सदस्यों को घरों से उठाकर ले जा रहे हैं, जिन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। - मस्ता नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख जाखणीधार।
अब आठ नवंबर को होगा फ्लोर टेस्ट
जाखणीधार प्रमुख के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर अब आठ नवंबर को चर्चा होगी। डीपीआरओ चमन सिंह राठौर ने बताया कि 24 अक्तूबर को होने वाले फ्लोर टेस्ट में पीठासीन अधिकारी के न पहुंचने से बैठक स्थगित हो गई थी। अब आठ नवंबर सुबह 11 बजे होगी। इसके लिए एसडीएम टिहरी को ही पीठासीन अधिकारी बनाया गया है।