थौलधार ब्लॉक में उप्पू-किल्याखाल पांच किमी मोटर मार्ग बनने के 18 साल बाद भी वाहन नहीं चल पाए हैं। जिससे सड़क निर्माण पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये बेकार साबित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली से गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि छह नवंबर तक सड़क खोलने की कार्रवाई शुरू नहीं की जाती है, तो कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि उप्पू-किल्याखाल मोटर मार्ग का निर्माण वर्ष 1998-99 में शुरू किया गया था। लोनिवि ने बमुश्किल 2012-13 में सड़क का निर्माण पूरा किया, लेकिन इसी दौरान बारिश होने से उप्पू के पास सड़क टूट गई थी। तब से अभी तक सड़क नहीं खुल पाई है। उन्होंने बताया कि लोनिवि सड़क खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन उप्पू के पास एक व्यक्ति अपने मकान का 9.60 लाख रुपये भुगतान लेने के बाद भी सड़क खोलने में अड़ंगा डाल रहा है। जिससे ओलणी और उप्पू गांव की 300 की जनसंख्या को पैदल रास्ता नापना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि ओलणी से ऊपर किल्याखाल तक भी सड़क खस्ताहाल पड़ी हुै, जिससे इन 18 वर्षों में एक दिन भी वाहन आर-पार नहीं हो पाए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फिलहाल उप्पू से ओलणी जाने तक की सड़क जल्द नहीं खोली गई तो कलक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रधान प्रमोद नेगी, पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान, साहब सिंह चौहान, कुशाल सिंह, महावीर सिंह, पूर्ण सिंह, ज्योति प्रसाद डबराल,रणजीत सिंह, गजेंद्र सिंह, नारायण सिंह और शिव प्रसाद आदि शामिल थे।
जारी- विजय गुसाईं।
'सड़क के लिए धरना देंगे कंडीसौड़ के लोग
कंडीसौड़। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा के आश्वासन के बावजूद कंडीसौड़ तहसील मुख्यालय मार्ग का डामरीकरण नहीं होने से क्षेत्रवासियों में गुस्सा नजर आ रहा है। नाराज लोगों ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है, साथ ही सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करने का ऐलान किया है।
कंडीसौड़ तहसील और ब्लाक मुख्यालय मार्ग का डामरीकरण करीब चार साल से नहीं हो पाया है, जिससे सवा कई सालों से गांव के लोगों को मुख्यालय तक पहुंचने के लिए टूटी सड़क पर आवागमन करना पड़ता है। नागरिकों ने बीती 21 अक्टूबर को यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए केंद्रीय राज्यमंत्री के समक्ष विरोध दर्ज कराया था, उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पैदल नापना पड़ा। इसके बाद डीएम की ओर से सप्ताह भर में मार्ग निर्माण का लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई काम नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस मामले में धनोल्टी विधायक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।