सामूहिक बीमा, गोल्डन कार्ड जारी करने सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मचारियों का होम आइसोलेशन आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। विशेष आवश्यक सेवाओं को छोड़कर एनएचएम कर्मियों के काम पर न आने से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाती जा रही हैं। उजपा के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री दिनेश धनै ने भी एनएचएम कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। वहीं, जिला फार्मासिस्ट एसोसिएशन, जिला मातृ शिशु कल्याण संगठन, उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन ने भी अंादोलन को समर्थन दिया है। एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी, ऋषम उनियाल, दिनेश रतूड़ी, अनिल बिजल्वाण, विजय लक्ष्मी, राजीव, मानवेंद्र, गंगा, कमला आदि आंदोलन में शामिल रहे।
एनएचएम कर्मियों ने वन मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोटद्वार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन पौड़ी के बैनर तले बेस अस्पताल इकाई के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर वन मंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। वन मंत्री ने नौ जून को होने वाली कैबिनेट में उनकी मांगों को रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आरके टम्टा, सुभाष बहुगुणा, तनज मैठाणी, अरविंद सिंह, कुलदीप रमोला, उर्मिला तड़ियाल, रुचिता रावत मौजूद थे ।
छह जून के बाद पूर्ण बहिष्कार करेंगे एनएचएम कर्मी
देवप्रयाग। एनएचएम संविदा कर्मी नौ सूत्री मांगों के लिए 6 जून तक होम आइसोलेशन में रहेंगे। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष रवि रमोला ने बताया कि कोर कमेटी व जिला कार्यकारिणी की वार्ता के बाद 6 जून तक पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। इस दौरान सभी एनएचएम संविदा कर्मी होम आइसोलेशन में रहेंगे। दूसरी ओर सीएचसी प्रभारी डा. शैफान अली ने बताया कि कर्मियों के कार्य बहिष्कार के बाद कोविड-19 के कार्य प्रभावित हो रहे हैं जबकि इस समय कर्मचारियों की आवश्यकता है।