सेंटर में भीड़ होने पर कई बार लोगों को होटल में बितानी पड़ रही है रात, खर्च हो रहे दो हजार
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लाॅक मुख्यालय क्षेत्र के लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए 50 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। इसमें उन्हें समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर ब्लाॅक मुख्यालय में पूर्व की भांति आधार कार्ड सेंटर खोलने की मांग की है।
कंडीसौड़ क्षेत्र के लोग करीब चार माह से आधार कार्ड बनाने के लिए भटक रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा बंद होने के कारण उन्हें 50 किमी दूर चंबा और उत्तरकाशी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लाॅक कार्यालय परिसर में आधार कार्ड सेंटर बंद होने के बाद से ही लगातार आधार कार्ड सेंटर बहाल करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पूर्व प्रधान गोविंद सिंह रावत और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोबत सिंह रावत ने बताया कि बाल विकास विभाग में नंदा गौरा देवी योजना के तहत प्रथम बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है। इसके लिए नवजात का छह माह से पहले फार्म भरा जाता है। इसके लिए आधार कार्ड संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। इससे आधार कार्ड बनाने के लिए गांव की बहू-बेटियों को चंबा और उत्तरकाशी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहां भी समय पर नंबर नहीं आने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मैंडखाल क्षेत्र की मोनिका चौहान, कुसुम जुयाल और मनीषा रावत ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कोई सुविधा नहीं होने पर उन्हें आधार कार्ड बनाने के लिए चंबा जाना पड़ा। वहां आधार कार्ड सेंटर पर भीड़ होने के कारण नंबर आने में शाम हो गई। गांव लौटने के लिए काफी देर होने पर उन्हें रात को चंबा में ही रुकना पड़ा। इसके लिए उन्हें दो-दो हजार रुपये खर्च करने पड़े। क्षेत्र के आलोक जुयाल और पूर्व उप प्रधान सब्बल सिंह चौहान ने बताया कि नया आधार कार्ड बनाने के साथ ही उसमें संशोधन करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने लोगों की परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन से कंडीसौड़ ब्लॉक कार्यालय परिसर में पूर्व की भांति आधार कार्ड सेंटर खोलने की मांग की है।