पेयजल निगम ने भूमि की जांच किए बगैर ही लाखों रुपये का टैंक बना दिया, जिससे टैंक बने स्थान पर भूधंसाव होने से सुरक्षा दीवार टूट गई है। शिवपुरी-नरेंद्रनगर पंपिंग पेयजल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निगम के इंजीनियर योजना की मजबूती को लेकर गंभीर नहीं है।
निगम ने कुम्हारखेड़ा के ऊपर बाईपास मार्ग पर राजमहल के सामने पांच लाख रुपये की लागत से चार लाख लीटर पानी का ट पानी के टैंक बनाया है। जहां टैंक की सुरक्षा दीवार हल्की बारिश होने पर पांच दिन पहले ही टूट गई है, वहीं अब टैंक के अस्तित्व को भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी पवन कुमार डियूंडी ने बताया कि टैंक का निर्माण कच्ची जगह पर किया गया है। वहां बनाई गई सुरक्षा दीवार टूटने से टैंक को खतरा पैदा हो गया। जल्द ही कोई उपाय नहीं किए जाते हैं, तो टैंक कभी भी ध्वस्त हो सकता है।
पेयजल निगम के ईई इमरान अहमद का कहना है कि टैंक बनाते समय वह जगह ठीक थी, अब बारिश से वहां भूधंसाव हो रहा है। साइट पर जो नुकसान हुआ है, उसे आपदा मद से ठीक कराया जाएगा।