नैनबाग(टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित अपनी 22 सूत्री मांग को लेकर 39वें दिन भी धरने पर डटे रहे। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से गुस्साए काश्तकारों ने धरनास्थल पर हुई सभा में कहा कि जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं की जाती है, तब तक धरना-प्रदर्शन आंदोलन जारी रखा जाएगा।
लखवाड़ बांध परियोजाना स्थल में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन बांध प्रभावितों के हक-हकूक छीनकर बांध बनाने का प्रयास न करे। जिला प्रशासन से हुई वार्ता में डीएम एक भी मांग पूरी नहीं कर पाई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बलपूर्वक आंदोलन तोड़ने का घोर विरोध किया जाएगा। आंदोलन के संयोजक महीपाल सजवाण ने कहा कि बांध प्रभावित सभी काश्तकार, मातृ शक्ति और बेरोजगार युवा अपनी मांगों के लिए 39 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन कोई भी सक्षम अधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता करने नहीं पहुंचा।
शासन-प्रशासन के रवैए से गुस्साए आंदोलनकारियों ने कहा कि चार दिसंबर 2025 को उत्तराखंड जल विद्युत निगम कार्यालय डाकपत्थर विकासनगर में प्रदर्शन कर तालाबंदी की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का यही उपेक्षित रवैया रहा तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन कर धरने पर बैठने वालों में बांध प्रभावित राकेश राणा, महेंद्र पुंडीर, महीपाल सजवाण, सबल रावत, प्रदीप रावत, सुरेश रावत, दीपक रावत, संदीप रावत, जगत लाल डोगरा आदि शामिल थे।