प्रभावित बोले, हम बांध के विरोधी नहीं पर न्याय चाहिए
नैनबाग (टिहरी)। मुआवजा भुगतान करने, रोजगार देने, हटाए गए कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर लखवाड़ बांध प्रभावितों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मांग के समर्थन में शनिवार को 30वें दिन भी क्षेत्र के लोग बंदरकोट में धरने पर डटे रहे। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित लोगों ने धरना स्थल पर शासन-प्रशासन और बांध निर्माण कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने सरकार पर बांध प्रभावितोें की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। धरना स्थल पर हुई बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि वे बांध के विरोधी नहीं है। बांध निर्माण के लिए उन्होंने अपने खेत और भूमि दी है लेकिन उन्हें भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने परियोजना कार्य में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और पूर्व में बांध निर्माण कंपनियों से हटाए गए स्थानीय लोगों की सेवाओं को बहाल करने मांग प्रमुखता से उठाई।
चेतावनी दी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन की धार और तेज की जाएगी। धरने पर संदीप तोमर, महेंद्र पुंडीर, सुरेश रावत, मुकेश तोमर, संदीप तोमर, आकाश पंवार, अजबीर रावत, सुभाष रावत, सतीश तोमर, अनिल तोमर, राजू, नीटू, खजान सिंह, स्वरूप चौहान, सुनील, नितेश, महेश तोमर, रविंद्र चौहान, शूरवीर चौहान आदि बैठे रहे।