स्वास्थ्य सुविधा के लिए लोगों को मसूरी और देहरादून के अस्पतालों पर रहना पड़ता है निर्भर
नैनबाग (टिहरी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण नहीं होने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बना है। क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मसूरी और देहरादून के अस्पतालों पर निर्भर हैं।
क्षेत्र के लोग लंबे समय पीएचसी के उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं। नैनबाग शरदोत्सव खेलकूद समिति के अध्यक्ष डॉ़ विरेंद्र सिंह रावत, प्रदीप कवि, गंभीर सिंह रावत ने बताया कि जौनपुर और जौनसार क्षेत्र की बड़ी आबादी पीएचसी नैनबाग पर निर्भर है लेकिन उच्चीकरण के अभाव में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
नैनबाग पीएचसी की स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी। पीएचसी बने तीन दशक का समय होने वाला है लेकिन उच्चीकरण नहीं हो पाया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होने के कारण लोगों को मसूरी और देहरादून के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी, विधायक खजान दास, स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ धन सिंह रावत पीएचसी के उच्चीकरण करने की घोषणा कर चुके हैं। उसके बाद भी स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकरण नहीं हो पा रहा है।
नैनबाग से यमुनोत्री धाम का यात्रा रूट भी है। क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना अति आवश्यक है। जौनपुर क्षेत्र के सिलवाड़, लालूर, इड़वालस्यू पट्टी के करीब 76 गांव सहित उत्तरकाशी और देहरादून जिले के कई गांव पीएचसी पर निर्भर हैं। क्षेत्र में वाहन दुर्घटना होने से सबसे अधिक परेशानी होती है। स्वास्थ्य सुविधा के अभाव के कारण दुर्घटना में घायलों को इलाज के लिए मसूरी और देहरादून रेफर करना पड़ता है।
नैनबाग पीएचसी का उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर अटका है। क्षेत्र के लोग पीएचसी के उच्चीकरण की मांग को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा चुके हैं। जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण का प्रस्ताव फिर से शासन को भेज जाएगा।
डॉ़ श्याम विजय, सीएमओ टिहरी।