नई टिहरी। वर्षों से भले ही सरकार लगातार आंगनबाड़ी केंद्र बढ़ा रही थी, लेकिन इनके भवन निर्माण पर ध्यान नहीं दे रही थी। लेकिन अब मनरेगा से भवनों का निर्माण हो सकेगा। जिले के भवन विहीन 1098 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की उम्मीद जग गई है। पहले वर्ष मनरेगा से 689 भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। मनरेगा से प्रत्येक भवन के निर्माण को पांच लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि दो-दो लाख रुपये बाल विभाग देगा।
जिले में वर्तमान में 1255 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, लेकिन 157 केंद्र के पास ही अपने भवन है। जबकि 1098 केंद्र बारात घर, पंचायत भवन, प्राथमिक स्कूल, कार्यकत्रियों की घरों में चल रहे हैं, लेकिन अभी बाल विकास विभाग को सीमित मात्रा में ही भवन निर्माण को बजट मिलता था। लेकिन अब मनरेगा की नई गाइड लाइन के अनुसार आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को भी बजट में शामिल कर दिया है। सात लाख की धनराशि से बनने वाले भवन के निर्माण को पांच लाख मनरेगा और दो लाख विभाग देगा। दोनों विभागों की संयुक्त योजना में पहले वर्ष 689 केंद्रों को भवन निर्माण को चुना गया है। भिलंगना 89, कीर्तिनगर 65, जाखणीधार 75, थौलधार 64, प्रतापनगर 80, नरेंद्रनगर 85, देवप्रयाग 70, चंबा 76 और थत्यूड़ 85 केंद्र बनेंगे।
कोट
भारत सरकार की नई गाइड लाइन के अनुसार मनरेगा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण को पांच-पांच लाख की वित्तीय सहायता देगा। इस वर्ष मनरेगा से 689 केंद्रों की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए बाल विकास एवं विकासखंड को ग्राम सभाओं के साथ समन्वय बनाना होगा।
-पीके पांडेय, जिला विकास अधिकारी।
जिले में विभाग के अभी तक 157 केंद्रों के ही अपने भवन थे। अब मनरेगा से आंगनबाड़ी के भवनों के निर्माण को सहायता मिलने से पहले ही वर्ष आधा से अधिक केंद्रों का निर्माण हो सकेगा। भवन बनने से केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को सुविधा मिलेगी।
-सुलेखा, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास।