कंडीसौड़ (टिहरी)। जल निगम चंबा की लापरवाही थौलधार ब्लॉक के धमाड़ी, खमोली, नकोट और जसकोट गांव के लोगों पर भारी पड़ रही है। तीन करोड़ 30 लाख की लागत से दो साल से निर्माणाधीन धमाड़ी-खमोली पेयजल योजना का निर्माण धीमी गति से हो रहा है, जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। धमाड़ी गांव में पानी का सबसे अधिक संकट बना हुआ है।
धमाड़ी, खमोली, नकोट और जसकोट गांव में निवासरत लोगों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2022 में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत धमाड़ी - खमोली तीन करोड़ 30 लाख से पेयजल योजना की स्वीकृति मिली थी। गांव-गांव, घर-घर तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन पानी की सप्लाई करने के लिए उक्त चारों गांवों में पेयजल टैंक का निर्माण नहीं हो पाया है। धमाड़ी गांव के लिए जिस पुरानी पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जा रही है तीन दिन पहले वह क्षतिग्रस्त होने से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
गांव के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह केमवाल ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की सप्लाई के लिए टैंकों का निर्माण न होने से दिक्कत आ रही है। बीडीसी सदस्य चंद्र प्रकाश खंडूड़ी ने कहा लोग अपने लिए जैसे-तैसे पानी की व्यवस्था जुटा रहे हैं, लेकिन मवेशियों के लिए पानी ढोना सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सहायक अभियंता गिरीश चंद्र सेमवाल ने बताया कि धमाड़ी गांव की जो पुरानी लाइन टूटकर क्षतिग्रस्त हुई थी, उसे जोड़कर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। लेकिन स्रोत पर पानी कम होने के कारण दिक्कत आ रही है।
धमाड़ी, खमोली, नकोट और जसकोट गांव के लिए जल जीवन मिशन के तहत पानी की सप्लाई करने के लिए टैंक निर्माणाधीन है, जो जून तक बनकर तैयार हो जाएगे। धमाड़ी-खमोली पेयजल योजना पर पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। टैंक निर्माण पूरा होने के बाद पानी का संकट नहीं होगा।
-केशवानंद सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम चंबा